ईडी, कांग्रेस और बजट पर अजय चंद्राकर के तीखे बयान….

ईडी की कार्रवाई को लेकर चल रही अफवाहों पर वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं, लेकिन वे राजनीति में लड़ने के लिए खुद सक्षम हैं। उन्होंने इशारों में विरोधियों पर हमला करते हुए कहा कि अगर कोई पीठ पीछे या “कमर के नीचे” वार करेगा, तो उसे लड़ाई नहीं कहा जा सकता। असली संघर्ष आमने-सामने होता है। उन्होंने कहा कि आगे देखेंगे, कौन पहले कदम उठाता है। सोमवार को रायपुर स्थित अपने निवास में मीडिया से बातचीत करते हुए अजय चंद्राकर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन की टीम में छत्तीसगढ़ के नेताओं को लाभ मिलेगा, क्योंकि वे यहां के नेताओं की क्षमता और कामकाज को अच्छी तरह जानते हैं। डीएड-बीएड अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि यह पहली बार सुन रहे हैं कि डीएड-बीएड वाले नौकरी के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार अपने नियमों और जरूरतों के अनुसार भर्तियां निकालती है। जब विज्ञापन जारी होता है, तब अभ्यर्थियों को आवेदन करना चाहिए।

‘जी राम जी’ को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आखिर आपत्ति क्यों है, इस पर खुलकर बहस करनी चाहिए। यदि सरकार से बहस नहीं कर सकते, तो वे खुद चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बेबुनियाद आरोपों का जवाब देना जरूरी नहीं होता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय बनाए गए हर कानून को बिना बदलाव के हमेशा लागू रखना जरूरी नहीं है, समय के साथ सुधार होना चाहिए।

मनरेगा का उदाहरण देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि कानून में पहले से ही यह प्रावधान था कि राज्य अपने नाम जोड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसे “छत्तीसगढ़ रोजगार गारंटी योजना” नाम दिया था, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति की और बाद में इसमें महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के नाम से ही समस्या है।

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव गुंजन सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के बयान पर पलटवार करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने के लिए ऐसे बयान दे रही है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि गुंजन सिंह बेमौसम बरसात की तरह आईं, कुछ बोलकर चली गईं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस बताए कि निर्भया कांड के लिए कितना फंड आया और उसका कितना सही उपयोग हुआ।