CM नीतीश ने हिजाब खींचा, नुसरत ने बिहार छोड़, बोलीं- अब नौकरी जॉइन नहीं करूंगी
CM नीतीश कुमार ने जिस महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब हटाया था, उन्होंने बिहार छोड़ दिया है। वो अब कोलकाता में अपने परिवार के पास चली गई हैं। दरअसल पटना में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय और अन्य नेताओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र थमा रहे थे। इसी दौरान एक आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन अपना पत्र लेने के लिए पहुंची। नीतीश कुमार ने उन्हें नियुक्ति पत्र दिया, और कहा कि ये क्या है? उसके बाद उन्होंने एक हाथ से नुसरत परवीन के हिजाब को थोड़ा नीचे कर दिया। अब इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नीतीश कुमार पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। उन्हें बुजुर्ग और क्या- क्या नहीं कहा जा रहा है। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि जम्मू कश्मीर से लेकर, अरब देशों के अलावा अब पाकिस्तान की भी इसमें एंट्री हो गई है।
हिजाब खींचने के बाद अपनी नौकरी नहीं करने का फैसला लेने वाली नुसरत परवीन एक युवा महिला हैं। वे आयुष डॉक्टर हैं। उन्हें हाल में बिहार सरकार में नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिला। उसी दौरान हिजाब खींचने की घटना हो गई। नुसरत अपनी मेहनत और लगन के बल पर इस मुकाम तक पहुंची हैं। नुसरत परवीन शादीशुदा महिला हैं। उनके पति एक कॉलेज में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के तौर पर काम करते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से हिजाब खींचने की घटना से वो काफी परेशान हैं। नुसरत के भाई कोलकाता में रहते हैं। वे एक सरकारी लॉ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। पेशे से चिकित्सक नुसरत बिहार सरकार में आयुष चिकित्सक के पद पर चयनीत हुई थीं।
हिजाब वाली घटना के बाद नुसरत परवीन काफी आहत हैं। उनके परिवार ने उन्हें नौकरी नहीं ज्वाइन करने की सलाह दी। उसके बाद उन्होंने आहत होकर नौकरी नहीं करने का फैसला किया है। उनके भाई ने जानकारी दी है कि नुसरत उस घटना को भूल नहीं पा रही हैं। मानसिक रूप से ज्यादा परेशान हैं। उन्हें 20 दिसंबर, 2025 को अपना पद संभालना था। लेकिन इस घटना के बाद और इसकी हो रही चर्चा के बाद नौकरी नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने काम पर जाना बंद कर दिया है।
