बेहद खूबसूरत दिखता है धरती का ‘नर्क’ ! जरा सी लापरवाही ले सकती है जान

इथियोपिया का डानाकिल डिप्रेशन. यह अफ्रीका का सबसे निचला इलाका है जो समुद्र तल से 125 मीटर नीचे है. साथ ही ये दुनिया का सबसे गर्म बसा हुआ स्थान है, जहां औसत सालाना तापमान 34-35°C रहता है. गर्मियों में टेम्प्रेस्चर 50°C से ऊपर चला जाता है. इस जगह को धरती का मंगल ग्रह भी कहा जाता है. कई लोग इसे धरती का नर्क कहते हैं. यहां जहरीली गैसें, एसिड पूल और लगातार सक्रिय ज्वालामुखी, सब इंसान के लिए चुनौती है. फिर भी एडवेंचर प्रेमी दुनिया भर से यहां पहुंचते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जहां जिंदा रहना मुश्किल है आखिर ऐसी जगह पर लोग क्यों जाते हैं. ये जगह धरती की नहीं लगती है. ऐसा लगता है कि यह जगह ‘अन्य ग्रह’ जैसी है. रंग-बिरंगे सल्फर पूल, चमकता लावा लेक और अनंत सफेद नमक मैदान, इस जगह को बेहद खूबसूरत बना देता है. डानाकिल डिप्रेशन अफार ट्राएंगल का हिस्सा है, जहां तीन टेक्टॉनिक प्लेट्स (अफ्रीकी, अरेबियन और सोमाली) अलग हो रही हैं. इससे लगातार ज्वालामुखी गतिविधि, भूकंप और हाइड्रोथर्मल फीचर्स बनते हैं. यहां तीन मुख्य स्पॉट हैं जो पर्यटकों को लुभाते हैं

यहां नीले, पीले, हरे और नारंगी रंग के एसिड पूल हैं, जो सल्फर, कॉपर और आयरन ऑक्साइड से बने हैं. ये पूल बेहद खतरनाक हैं. पानी 50°C से गर्म, एसिडिक और जहरीला होता है. अगर गिरे तो जान जा सकती है. लेकिन दूर से देखने पर ये ‘मार्स’ या ‘अन्य ग्रह’ जैसे लगते हैं. यहां पहुंचना आसान नहीं है. यहां के लिए कोई सड़क नहीं है. ना ही टूरिस्ट्स के लिए होटल है और ना ही बाथरूम की सुविधा है. पर्यटक ग्रुप टूर में जाते हैं, जिसमें लोकल गाइड, सशस्त्र गार्ड्स और कैमल जरूरी है. पानी की बोतलें ढेर सारी साथ रखनी पड़ती हैं, क्योंकि गर्मी में पसीना बहुत आता है. फेस वाइप्स से सफाई करनी पड़ती है. यहां घूमने के लिए नवंबर-मार्च का समय सबसे बेस्ट होता है जब तापमान 35-40°C रहता है. यहां खतरे भी कम नहीं है. हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, जहरीली गैसें, फिसलन वाले पूल सब इस जगह को खतरनाक बनाते हैं. कुछ साल पहले सिक्योरिटी इश्यू थे, लेकिन अब ज्यादातर जगह सुरक्षित मानी जाती है अगर रेपुटेड टूर ऑपरेटर के साथ जाएं तो.

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