ये है दुनिया का इकलौता बुलेटप्रूफ जानवर, AK-47 की गोली भी नहीं भेद पाती, वैज्ञानिक भी हैरान

दुनिया में जीव-जंतुओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ प्रजातियां अपनी अनोखी बनावट और क्षमताओं की वजह से सबका ध्यान खींच लेती हैं. ऐसा ही एक जानवर है आर्माडिलो, जिसे अक्सर दुनिया का एकमात्र ‘बुलेटप्रूफ’ जानवर कहा जाता है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इसकी त्वचा इतनी मज़बूत होती है कि इस पर गोली तक बेअसर हो जाती है. हालांकि यह दावा पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है, लेकिन इतना तय है कि आर्माडिलो का शरीर असाधारण रूप से सख्त कवच से ढका होता है, जो इसे शिकारियों से बचाने में बड़ी भूमिका निभाता है. आर्माडिलो का नाम स्पेनिश शब्द से आया है, जिसका मतलब होता है ‘छोटा बख्तरबंद’. इसके शरीर पर हड्डियों से बनी छोटी-छोटी प्लेटें होती हैं, जिन्हें “स्कूट्स” कहा जाता है. ये प्लेटें मिलकर एक ऐसा कवच बनाती हैं, जो सामान्य जानवरों की त्वचा से कहीं ज्यादा मजबूत होता है. सिर का ऊपरी हिस्सा, पीठ, पूंछ और पैरों के ऊपर का भाग इसी कवच से ढका रहता है. यही वजह है कि शिकारी इसके शरीर को आसानी से नुकसान नहीं पहुंचा पाते. खतरा महसूस होते ही आर्माडिलो अपने शरीर को गेंद की तरह समेट लेता है, जिससे उसका नर्म हिस्सा पूरी तरह सुरक्

आर्माडिलो मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण अमेरिका में पाए जाते हैं, जबकि अमेरिका के कुछ हिस्सों जैसे टेक्सास, फ्लोरिडा और नेब्रास्का में भी इनकी मौजूदगी दर्ज की गई है. ये ज्यादातर दीमक, कीड़े और छोटे कीट खाते हैं. खास बात यह है कि आर्माडिलो अच्छे तैराक भी होते हैं और जरूरत पड़ने पर 4 से 6 मिनट तक सांस रोक सकते हैं. भले ही ‘एके-47 की गोली न लगने’ का दावा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया हो, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि आर्माडिलो का प्राकृतिक कवच इसे जानवरों की दुनिया में बेहद खास और अनोखा बनाता है

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